बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर निर्णायक जीत की ओर बढ़ रहे हैं। हाल के वर्षों में उन्होंने अपना पूरा ध्यान बिहार की राजनीति पर केंद्रित किया है। उनका लक्ष्य राज्य में वैकल्पिक राजनीतिक मॉडल तैयार करना है।

Bankipur By Election Result: बिहार की बांकीपुर सीट पर हुए उपचुनाव के रिजल्ट सोमवार 3 अगस्त को आ रहे हैं। जनसुराज पार्टी के प्रशांत किशोर लगातार बढ़त बनाए हुए हैं। अब तक हुए 20 राउंड के बाद प्रशांत किशोर को 11621 वोटों से आगे चल रहे हैं। वहीं, बीजेपी के उम्मीदवार नीरज कुमार दूसरे नंबर पर, जबकि राष्ट्रीय जनता दल की प्रत्याशी रेखा कुमारी तीसरे नंबर पर हैं।

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पति की बढ़त पर क्या बोलीं प्रशांत किशोर की पत्नी?

प्रशांत किशोर की लगातार बढ़त पर उनकी पत्नी डॉक्टर जाह्नवी दास ने कहा, मैं अपने दिल की गहराइयों से बांकीपुर की तमाम जनता का धन्यवाद करती हूं। उनसे जब पूछा गया कि प्रशांत किशोर इतने दिनों से लगातार संघर्ष कर रहे थे, तो आपको कभी लगा कि वो इतना अच्छा कर पाएंगे। इस पर जाह्नवी दास ने कहा, बिल्कुल लगा थ। इतनी मेहनत की है तो जीतना तो बनता है और बांकीपुर की जनता तो हमारे साथ है ही।

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BJP अध्यक्ष नितिन नबीन की प्रतिष्ठा दांव पर

बता दें कि बांकीपुर सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की पारंपरिक सीट कहलाती है। वे यहां से लगातार 5 बार चुनाव जीतकर विधायक रहे हैं। उनके राज्यसभा जाने के बाद यह सीट खाली थी, जिसके बाद उपचुनाव कराया गया। ऐसे में अगर यहां से बीजेपी हारती है तो कहीं न कहीं नितिन नबीन की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचेगा।

कौन हैं प्रशांत किशोर?

  • प्रशांत किशोर का पूरा नाम प्रशांत किशोर पांडेय है। उनका जन्म 20 मार्च, 1977 को बिहार के रोहतास जिले में हुआ। वे देश के जाने-माने चुनावी रणनीतिकार (Political Strategist) और राजनेता हैं।
  • राजनीति में आने से पहले उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (United Nations) से जुड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य (Public Health) कार्यक्रमों में काम किया।
  • 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के चुनाव अभियान से जुड़ने के बाद उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।
  • 2015 में प्रशांत किशोर ने Indian Political Action Committee (I-PAC) की स्थापना की, जिसने कई चुनावी अभियानों का संचालन किया।
  • उन्होंने बीजेपी, जेडीयू, टीएमसी, डीएमके, वाईएसआर कांग्रेस और कांग्रेस समेत अलग-अलग दलों के नेताओं के साथ चुनावी रणनीतिकार के रूप में काम किया।
  • 2018 में पीके जनता दल (यूनाइटेड) में शामिल हुए और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी बने। हालांकि, 2020 में मतभेदों के बाद उन्हें जेडीयू से हटा दिया गया। 2022 में कांग्रेस में शामिल होने को लेकर लंबी बातचीत हुई, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ सकी।
  • प्रशांत किशोर ने 2 अक्टूबर 2022 को बिहार में जन सुराज पदयात्रा की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य राज्यभर में लोगों से संवाद करना था। बाद में उन्होंने जन सुराज पार्टी का गठन कर सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया।
  • राजनीतिक गलियारों और मीडिया में उन्हें अक्सर PK के नाम से जाना जाता है। हाल के वर्षों में उन्होंने अपना पूरा ध्यान बिहार की राजनीति और राज्य में वैकल्पिक राजनीतिक मॉडल तैयार करने पर केंद्रित किया।