CM मोहन यादव ने टीकमगढ़ में महाकाल की तर्ज पर कुंडेश्वर लोक बनाने का ऐलान किया। पीतल कारीगरी, उद्योग, रोजगार और विकास कार्यों पर भी जोर दिया।

भोपाल/टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले को पर्यटन और उद्योग के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 अगस्त को टीकमगढ़ में कहा कि महाकाल की तर्ज पर कुंडेश्वर लोक विकसित किया जाएगा। पर्यटन विभाग इस परियोजना के लिए विस्तृत योजना तैयार करेगा और उसी के आधार पर काम आगे बढ़ाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह बात जन-विश्वास अभियान के तहत जिला विकास समिति की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कही। इस दौरान उन्होंने जिले के विकास से जुड़े मुद्दों और सरकार की प्राथमिकताओं की जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि टीकमगढ़ की पीतल कारीगरी और शिल्पकला को बढ़ावा देने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। स्थानीय कला और कारीगरों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर सरकार का जोर रहेगा।

Kundeshwar Lok: महाकाल की तर्ज पर विकसित होगा पर्यटन स्थल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुंडेश्वर को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की काफी संभावनाएं हैं। इसी को देखते हुए यहां महाकाल लोक की तर्ज पर कुंडेश्वर लोक बनाने की योजना तैयार की जाएगी। इस काम की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग को दी जाएगी। विभाग समुचित योजना तैयार कर परियोजना को आगे बढ़ाएगा। सरकार का प्रयास है कि कुंडेश्वर को धार्मिक और पर्यटन के लिहाज से एक प्रमुख स्थल के रूप में विकसित किया जाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने टीकमगढ़ की पीतल कारीगरों की कला और शिल्प को संरक्षण और प्रोत्साहन देने की बात कही। इससे स्थानीय कारीगरों को अपनी कला को आगे बढ़ाने के साथ नए बाजार मिलने की उम्मीद है।

Tikamgarh Development Plan: जिले की जरूरतों के आधार पर बनेगी कार्ययोजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले के विकास को लेकर प्रभावशाली नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई है। बैठक में सामने आए सुझावों और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि विकास के काम सिर्फ एक सामान्य योजना के आधार पर नहीं, बल्कि जिले की वास्तविक जरूरतों और प्राथमिकताओं को देखकर तय किए जाएंगे। इसके लिए संबंधित विभागों को भी समन्वय के साथ काम करना होगा। मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रहे विकास अभियानों का जिक्र करते हुए बताया कि पहले उद्योग निवेश वर्ष मनाया गया था। फिलहाल प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष मनाया जा रहा है।

Sagar Regional Industry Conclave के बाद बढ़ा निवेश

डॉ. यादव ने कहा कि सागर में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के बाद कई उद्योगपतियों ने मध्य प्रदेश में निवेश किया है। कई जगहों पर उद्योग स्थापित हो चुके हैं और वहां उत्पादन भी शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि निवेश केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों में उद्योग स्थापित हों और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें।

Tikamgarh Jobs: फूड प्रोसेसिंग उद्योगों से युवाओं को मिलेगा रोजगार

मुख्यमंत्री ने बताया कि निवाड़ी-टीकमगढ़ के बीच 3 हजार करोड़ रुपये की इस्पात उद्योग इकाई भी शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में राज्य में फूड प्रोसेसिंग आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि फूड प्रोसेसिंग सेक्टर के विस्तार से युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इसके लिए उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षित करने की व्यवस्था भी की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटीआई और कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए ऐसे कुशल श्रमिक तैयार किए जाएंगे, जिनकी जरूरत संबंधित उद्योगों में होगी। यानी युवाओं को सिर्फ प्रशिक्षण देने के बजाय उन्हें उद्योगों की वास्तविक मांग के अनुरूप तैयार करने पर जोर रहेगा।

किसान सम्मान निधि और लाड़ली बहना योजना का लाभ पहुंचाने पर जोर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसान सम्मान निधि, लाड़ली बहना योजना समेत सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि निराश्रित बच्चों को 4 हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि योजनाओं का सर्वे कराया जाए और सर्वे में पात्र पाए जाने वाले लोगों को संबंधित योजनाओं से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक फायदा तभी माना जाएगा, जब पात्र व्यक्ति तक उसका लाभ समय पर पहुंचे। इसी वजह से अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

Good Governance: लापरवाह अधिकारियों-कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीएम हेल्पलाइन पर मिलने वाली शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और उन पर त्वरित एवं सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नल-जल योजना, राशन वितरण और दूसरी सरकारी योजनाओं को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करना जरूरी है। योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को साफ संदेश देते हुए कहा कि अगर कोई जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार की कोशिश है कि प्रशासनिक व्यवस्था जवाबदेह बने और लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना परेशानी मिले।