21 महीनों की शांति के बाद कुलगाम के ईंट भट्ठे पर अचानक हुई अंधाधुंध फायरिंग ने पूरी घाटी को दहला दिया है! इस हमले में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत के बाद घाटी की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल उठने लगे हैं। जानिए इस खौफनाक वारदात और सुरक्षाबलों के महा-ऑपरेशन का पूरा सच।
कुलगाम: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम से एक बेहद दुखद और खौफनाक खबर सामने आई है, जिसने पूरी घाटी को एक बार फिर दहशत में डाल दिया है। पिछले 21 महीनों से शांत चल रहे माहौल को अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट ने भंग कर दिया। दक्षिण कश्मीर के केलम इलाके में एक ईंट भट्ठे पर काम कर रहे प्रवासी मजदूरों पर आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें छत्तीसगढ़ के दो निर्दोष मजदूरों की जान चली गई।
अंधेरे का फायदा और अचानक अंधाधुंध फायरिंग: भट्ठे पर क्या हुआ?
शुक्रवार की देर रात जब केलम इलाके के एक ईंट भट्ठे पर मजदूर दिनभर की थकान के बाद आराम कर रहे थे, तभी अचानक हथियारों से लैस आतंकियों ने उन पर धावा बोल दिया। आतंकियों ने बिना किसी चेतावनी के सीधे अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इस कायरतापूर्ण हमले में छत्तीसगढ़ से आए दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें से एक मजदूर, दीपक रात्रे की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौके पर मौत हो गई।
जिंदगी और मौत की जंग: अस्पताल में दूसरे मजदूर ने तोड़ा दम
दूसरे गंभीर रूप से घायल पीड़ित भूपिंदर (उम्र 20-30 वर्ष) को तुरंत इलाज के लिए पहले अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) ले जाया गया। हालत बेहद नाजुक होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें सौरा के SKIMS अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन शनिवार को इलाज के दौरान भूपिंदर ने भी दम तोड़ दिया, जिससे इस ताज़ा हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर दो हो गई है।

घाटी में सुरक्षा पर उठे सवाल: मुख्य चिंताएं और पिछला रिकॉर्ड
इस अचानक हुए हमले ने अमरनाथ यात्रा के बीच घाटी में बाहरी कामगारों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
- 22 जुलाई का हमला: हाल ही में अनंतनाग में हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की हत्या की गई थी।
- फरवरी 2024 की घटना: श्रीनगर में पंजाब के दो मजदूरों (अमृतपाल और रोहित) की गोली मारकर हत्या हुई थी।
- अक्टूबर 2021 का खौफ: कुलगाम के वानपोह में बिहार के दो मजदूरों की जान ली गई थी।
"कायरतापूर्ण कृत्य": राजनीतिक गलियारों में भारी आक्रोश
हमले के बाद उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इसकी कड़ी निंदा करते हुए DGP नलिन प्रभात और सुरक्षा अधिकारियों के साथ आपातकालीन बैठक की। सिन्हा ने स्पष्ट कहा कि सुरक्षा बलों को आतंकवाद-विरोधी अभियान तेज़ कर आतंकियों को खत्म करने का निर्देश दे दिया गया है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और PDP प्रमुख महबूबा मुफ़्ती और भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ़ ठाकुर ने भी इसे बेहद बर्बर और अमानवीय कृत्य बताया, जिसका मकसद केवल अशांति फैलाना है। फिलहाल, सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेरकर हमलावरों की तलाश में बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।


