नेपाल में फ्लैश फ्लड से भारी तबाही मची है। कैलाश मानसरोवर से लौट रहे सद्गुरु जग्गी वासुदेव के 77 तीर्थयात्री भी लापता हैं, जबकि रसुवा में 95 मौतें हुई हैं।

Nepal Flash Flood Jaggi Vasudev: नेपाल में 26 अगस्त की सुबह आई अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई। इस बाढ़ के बाद सद्गुरु जग्गी वासुदेव के ईशा फाउंडेशन से जुड़े कम से कम 77 तीर्थयात्रियों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। ये सभी कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रहे थे और तिब्बत के ग्यिरोंग स्थित इमिग्रेशन ऑफिस में मौजूद थे, तभी अचानक बाढ़ आ गई। सद्गुरु ने एक ऑनलाइन पोस्ट के जरिए इस घटना की जानकारी दी और बताया कि उनकी टीम कैलाश से लौटते समय ग्यिरोंग में फंस गई थी।

रसुवा में बाढ़ से भारी तबाही, 95 लोगों की मौत

नेपाल की मीडिया के मुताबिक, तिब्बत से सटे रसुवा जिले में बाढ़ से अब तक 95 लोगों की मौत हो चुकी है। अचानक आई बाढ़ ने कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया। बाढ़ के तेज बहाव में पुल और घर बह गए हैं, जिससे इलाके में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। घटना से जुड़ी तस्वीरों में तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट इलाके में पानी की एक विशाल लहर उठती दिखाई दे रही है। यह पानी रसुवा में घुसने से पहले इमिग्रेशन ऑफिस पर गिरता नजर आया। इसके बाद भोटे कोसी नदी के किनारे भारी तबाही मच गई।

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ग्यिरोंग में कैलाश यात्रा से लौट रहा था सद्गुरु का ग्रुप

प्रलय जैसी स्थिति का एक वीडियो शेयर करते हुए सद्गुरु ने कैलाश मानसरोवर से लौटते समय अपनी टीम के साथ हुई घटना के बारे में बताया। सद्गुरु ने कहा कि तिब्बत-चीन के ग्यिरोंग में अचानक बेहद भयानक बाढ़ आई। उनका एक कैलाश ग्रुप भी इस बाढ़ में फंस गया। उनके मुताबिक, यात्रा से लौटते समय ग्रुप के सदस्य इमिग्रेशन ऑफिस में मौजूद थे, तभी अचानक बाढ़ आ गई। सद्गुरु के अनुसार, ऐसा लगता है कि इमिग्रेशन ऑफिस और शहर का ज्यादातर हिस्सा बाढ़ की चपेट में आ गया है। अचानक आई बाढ़ ने वहां मौजूद लोगों के लिए बेहद गंभीर स्थिति पैदा कर दी।

इमिग्रेशन ऑफिस में मौजूद लोगों की अभी जानकारी नहीं

सद्गुरु ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि इमिग्रेशन ऑफिस में मौजूद लोगों के बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिल पाई है। उन्होंने बताया कि उनके वॉलंटियर और सपोर्ट टीमें इस घटना से बेहद परेशान हैं और बचाव कार्य में मदद करने की पूरी कोशिश कर रही हैं। सद्गुरु ने कहा कि उनकी टीम अधिकारियों के साथ मिलकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रभावित जगह तक पहुंचना संभव है या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी टीम जोखिम की परवाह किए बिना बचाव अभियान में शामिल होने के लिए तैयार है।

कैलाश यात्रा में 495 लोग सुरक्षित लौटे

सद्गुरु ने अपनी यात्रा से जुड़े लोगों की स्थिति की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि उनकी यात्रा में शामिल 21 ग्रुपों में से 495 लोग सुरक्षित लौट चुके हैं। वहीं, 743 लोग अभी तिब्बत में हैं, जबकि 148 लोग नेपाल में हैं। सद्गुरु ने बताया कि उनके तीन वॉलंटियर नेपाल के तिमुरे में मौजूद हैं। इन आंकड़ों से पता चलता है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़े बड़ी संख्या में लोग अभी अलग-अलग इलाकों में फंसे हुए हैं और उनके सुरक्षित संपर्क में आने का इंतजार किया जा रहा है।

77 लापता लोग 105 भारतीय कैलाश यात्रियों में शामिल होने की आशंका

माना जा रहा है कि ग्यिरोंग के इमिग्रेशन ऑफिस में मौजूद 77 लोग उन 105 भारतीय कैलाश तीर्थयात्रियों में शामिल हैं, जिनके लापता होने की सूचना नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने दी है। नेपाल टूरिज्म बोर्ड के एक बयान के अनुसार, बाढ़ प्रभावित इलाके में कम से कम 384 यात्री संपर्क से बाहर हो गए थे। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। ऐसे में बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में यात्रियों के संपर्क से बाहर होने से उनके परिवारों और चाहने वालों की चिंता बढ़ गई है।

सद्गुरु बोले- प्रभावित लोगों के परिवारों के दुख में शामिल हूं

सद्गुरु ने अपनी पोस्ट में बाढ़ प्रभावित लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि वह अपने ग्रुप के लोगों के साथ-साथ इस इलाके में प्रभावित हुए सैकड़ों अन्य लोगों के परिवारों और उनके चाहने वालों के दुख में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस बेहद मुश्किल समय में उनकी टीम हर संभव कोशिश कर रही है। सद्गुरु के मुताबिक, मौजूदा हालात में जो सबसे अच्छा संभव हो सकता है, उसे सुनिश्चित करने के लिए वह खुद उस इलाके में मौजूद हैं। नेपाल में अचानक आई इस फ्लैश फ्लड ने कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रहे यात्रियों के सामने भी गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। फिलहाल लापता लोगों की सुरक्षित जानकारी और प्रभावित क्षेत्र में राहत-बचाव कार्य पर सबकी नजर है।