गुजरात में भूपेंद्र पटेल के 5 साल में 4.08 लाख करोड़ का बजट, 19 नीतियां, 17.4 लाख करोड़ के MoU और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बड़ा विस्तार हुआ।
गांधीनगर। गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में सुशासन के पांच वर्ष पूरे हो गए हैं। इस दौरान राज्य ने विकास के कई क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत की है। राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा 4.08 लाख करोड़ रुपये का बजट, सेमीकंडक्टर और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे भविष्य के क्षेत्रों में निवेश, आधुनिक शहरी एवं औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशासनिक सुधार इस यात्रा के प्रमुख हिस्से रहे हैं। सरकार के अनुसार, इन पांच वर्षों का काम केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य ‘विकसित गुजरात’ और ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए एक लंबी अवधि की दिशा तय करना भी रहा है।
Gujarat Development Policies: 19 नई नीतियों से भविष्य के क्षेत्रों की तैयारी
राज्य में विकास को नई गति देने के लिए पिछले पांच वर्षों में 19 महत्वपूर्ण नीतियां लागू की गई हैं। इन नीतियों में सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्पेसटेक, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, डेटा सेंटर्स, शिपबिल्डिंग और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
इन पहलों के जरिए गुजरात ने उभरते और रणनीतिक क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने पर जोर दिया है। सरकार का मानना है कि इससे राज्य की औद्योगिक क्षमता बढ़ने के साथ भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए भी आधार मजबूत होगा।
Vibrant Gujarat Regional Conference: 17.4 लाख करोड़ रुपये के MoU
वैश्विक निवेश और औद्योगिक विकास को राज्य के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने के उद्देश्य से चार वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (VGRC) आयोजित की गईं। इन चारों कॉन्फ्रेंस में कुल 17.4 लाख करोड़ रुपये के निवेश के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। क्षेत्रीय स्तर पर निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने की इस पहल से गुजरात के संतुलित और सर्वांगीण विकास को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई है।
Gujarat Semiconductor Hub: 6 प्लांट मंजूर, 3 में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में गुजरात ने देश के अग्रणी राज्यों में अपनी स्थिति मजबूत की है। राज्य में कुल 6 सेमीकंडक्टर प्लांट को मंजूरी मिली है, जिनमें से 3 प्लांट में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो गया है। सेमीकंडक्टर के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भी गुजरात अपनी तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था के लिए आधार तैयार कर रहा है। सरकार के अनुसार, इन क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी से गुजरात की औद्योगिक पहचान को नई दिशा मिल रही है।
UCC से प्रशासनिक सुधार तक: गुजरात में सुशासन को मिला नया आधार
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित किया गया है। सरकार के अनुसार, यह समानता, न्याय और एकता के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही, नागरिक सेवाओं को आसान, तेज और पारदर्शी बनाने के लिए कई प्रशासनिक सुधार लागू किए गए हैं। ‘सुगम डिजिटल गुजरात’ के माध्यम से सरकारी सेवाओं को पेपरलेस, कैशलेस और फेसलेस बनाने की दिशा में भी काम किया गया है। इन सुधारों का उद्देश्य सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाना और नागरिकों को सेवाएं अधिक सुविधाजनक तरीके से उपलब्ध कराना है।
GRIT और GARC: Gujarat Governance 2.0 की ओर बढ़ते कदम
नीति आयोग की तर्ज पर ‘गुजरात राज्य इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन’ (GRIT) का गठन किया गया है। इसके अलावा, प्रशासनिक तंत्र की कार्यक्षमता और प्रभावकारिता बढ़ाने के लिए गुजरात प्रशासनिक सुधार आयोग (GARC) भी बनाया गया है। सरकार के अनुसार, इन संस्थागत पहलों के जरिए डेटा-आधारित नीति निर्माण, कुशल प्रशासन और परिणामोन्मुखी शासन को मजबूत करने का प्रयास किया गया है।
Viksit Gujarat @2047: गुजरात ने तैयार किया दीर्घकालिक रोडमैप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ के विजन के अनुरूप गुजरात ने ‘विकसित गुजरात @2047’ का रोडमैप तैयार किया है। सरकार के अनुसार, ऐसा रोडमैप तैयार करने वाला गुजरात देश का पहला राज्य बना है। इस दीर्घकालिक योजना का उद्देश्य गुजरात को आर्थिक रूप से सक्षम, तकनीक से सुसज्जित और सर्वसमावेशी विकास वाला मजबूत राज्य बनाने की दिशा तय करना है। यह रोडमैप आने वाले वर्षों में विकास की प्राथमिकताओं और राज्य की दीर्घकालिक योजनाओं के लिए आधार के रूप में देखा जा रहा है।
Urban Development Gujarat: 2025 को ‘शहरी विकास वर्ष’ के रूप में मनाया गया
शहरी विकास को प्राथमिकता देते हुए वर्ष 2025 को ‘शहरी विकास वर्ष’ घोषित किया गया। सरकार के अनुसार, इसका उद्देश्य गुजरात के शहरों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना रहा। इस दौरान आधुनिक और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरी परिवहन, नागरिक सुविधाओं और सेवाओं में सुधार पर जोर दिया गया। शहरों में ‘ईज ऑफ लिविंग’ यानी जीवन की सुगमता बढ़ाने की दिशा में भी काम किया गया।
Namo Lakshmi से Namo Shri तक: युवाओं और परिवारों के लिए कल्याणकारी योजनाएं
युवा पीढ़ी के सर्वांगीण विकास और नागरिक कल्याण के लिए गुजरात में कई योजनाएं लागू की गई हैं।
- नमो लक्ष्मी योजना: राज्य की बेटियों को माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा पूरी करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई।
- नमो सरस्वती विज्ञान साधना योजना: कक्षा 11-12 में विद्यार्थियों को विज्ञान संकाय में पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने की पहल।
- मुख्यमंत्री पौष्टिक अल्पाहार योजना: प्राथमिक स्कूलों के बच्चों को मध्याह्न भोजन के अलावा पौष्टिक नाश्ता उपलब्ध कराने की योजना।
- नमो श्री योजना: गर्भवती माताओं के स्वास्थ्य और पोषण पर केंद्रित पहल।
इन योजनाओं के जरिए शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सहायता पहुंचाने पर जोर दिया गया है।
Revenue Reforms Gujarat: तकनीक से नागरिक सेवाओं को आसान बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात में राजस्व विभाग से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने और नागरिक सेवाओं को तेज करने के लिए महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। सरकार के अनुसार, तकनीक के इस्तेमाल और प्रक्रियाओं को आसान बनाने से नागरिक-केंद्रित प्रशासन को मजबूत करने का प्रयास हुआ है। इन सुधारों का उद्देश्य लोगों को सरकारी सेवाओं के लिए कम जटिल प्रक्रियाओं का सामना करना पड़े, यह सुनिश्चित करना है।
G20 से RE-Invest 2024 तक: वैश्विक मंच पर गुजरात की बढ़ती भूमिका
गुजरात ने पिछले पांच वर्षों में कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों की मेजबानी की है। इनमें G20 बैठकें, वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट और ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर्स मीट एंड एक्सपो (RE-Invest) 2024 शामिल हैं। इन कार्यक्रमों ने वैश्विक निवेश, व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में गुजरात की भूमिका को मजबूत करने में योगदान दिया है। अब राज्य वर्ष 2030 में कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी के लिए भी तैयार है।
Renewable Energy से AI तक: भविष्य की अर्थव्यवस्था पर गुजरात का फोकस
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात रिन्यूएबल एनर्जी, सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे उभरते क्षेत्रों में अग्रणी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उद्योग, निवेश, तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य, शहरी विकास और सामाजिक कल्याण सहित कई क्षेत्रों में हुए विकास को सरकार ने गुजरात की व्यापक विकास यात्रा का हिस्सा बताया है। पिछले पांच वर्षों में लागू नीतियों, निवेश पहलों, प्रशासनिक सुधारों और कल्याणकारी योजनाओं के जरिए गुजरात ने ‘विकसित गुजरात’ के लक्ष्य की ओर एक नया अध्याय जोड़ने का प्रयास किया है।


