गुजरात की डेटा सेंटर नीति 2026-29 में 7.5 GW का लक्ष्य, 51% ग्रीन एनर्जी, निवेश प्रोत्साहन और धोलेरा-साणंद को टेक हब बनाने की तैयारी है।

गांधीनगर। 13 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के सुशासन के पांच साल पूरे हो रहे हैं। इस दौरान गुजरात ने आर्थिक और औद्योगिक विकास के साथ भविष्य की तकनीक के क्षेत्र में भी अपनी स्थिति मजबूत की है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने हाल ही में ‘विकसित गुजरात डेटा सेंटर नीति 2026-29’ जारी की है। सरकार का मानना है कि यह नीति गुजरात को तकनीक के क्षेत्र में एक मजबूत वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगी।

Gujarat Data Center Policy 2026-29: डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर गुजरात का बड़ा दांव

मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने कहा कि गुजरात सरकार ने हमेशा भविष्य की तकनीक को प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजनरी मार्गदर्शन में भारत को डिजिटल और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर का ग्लोबल हब बनाने की दिशा में यह नीति एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि गुजरात का लक्ष्य विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी आगे बढ़ाना है। इसी सोच के तहत डेटा सेंटरों में 51 प्रतिशत ग्रीन एनर्जी का उपयोग अनिवार्य किया गया है। सरकार के अनुसार, इससे डिजिटल विकास और हरित ऊर्जा के बीच बेहतर संतुलन कायम होगा।

Green Energy और Desalination Plant पर जोर

डेटा सेंटरों में पानी की जरूरत को लेकर भी नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों और अन्य उद्योगों के हितों को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए समुद्री पानी के शुद्धिकरण पर जोर दिया गया है। इसके तहत डीसेलिनेशन प्लांट स्थापित करने की दिशा में काम किया जाएगा। डेटा सेंटरों को जलापूर्ति समुद्र के पानी को शुद्ध करने के बाद की जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि तकनीकी विकास के साथ जल संसाधनों और पर्यावरण पर भी ध्यान बना रहे।

Data Center Investment: स्टाम्प ड्यूटी माफ, ब्याज और बिजली पर राहत

गुजरात की नई डेटा सेंटर नीति में निवेशकों के लिए कई प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। धोलेरा में डेटा सेंटर स्थापित करने पर 2.5 प्रतिशत अतिरिक्त पूंजी सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, स्टाम्प ड्यूटी से पूरी तरह छूट देने का प्रावधान भी रखा गया है। नीति के तहत डेटा सेंटर परियोजनाओं को यह सुविधाएं मिलेंगी:

  • 10 साल तक 4 प्रतिशत ब्याज सहायता
  • अगले 20 साल तक प्रति यूनिट 1 रुपये की विद्युत सहायता
  • स्टाम्प ड्यूटी से पूरी तरह मुक्ति

सरकार ने डेटा सेंटरों को ‘आवश्यक सेवाओं’ का दर्जा भी दिया है। इसके साथ ही परियोजनाओं की मंजूरी प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए स्वीकृतियां देने की व्यवस्था की गई है।

Gujarat Data Center Target: 7.5 GW क्षमता, कंपनियों से मिले 10 GW के प्रस्ताव

नई नीति के तहत गुजरात में 7.5 गीगावॉट क्षमता के डेटा सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार के अनुसार, इस दिशा में कंपनियों से अब तक 10 गीगावॉट क्षमता के प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। यह आंकड़ा बताता है कि गुजरात डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में निवेशकों के लिए तेजी से आकर्षक गंतव्य बन रहा है।

Sanand और Dholera में Semiconductor के बाद Data Center का विस्तार

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के बढ़ते इस्तेमाल के बीच मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में डेटा सेंटरों को भविष्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। नई नीति के बाद साणंद और धोलेरा हाईटेक डेटा सेंटर के प्रमुख केंद्रों के रूप में उभर सकते हैं। इन क्षेत्रों में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में हो रहे विकास के बाद अब डेटा सेंटर निवेश को भी गति मिलने की उम्मीद है। सरकार धोलेरा को आने वाले समय में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) के हेडक्वार्टर के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम कर रही है। इससे क्षेत्र में तकनीकी कंपनियों, रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

सुशासन और स्पष्ट नीतियों से निवेशकों को आकर्षित कर रहा गुजरात

गुजरात सरकार का कहना है कि सुशासन, बेहतर मूलभूत सुविधाएं और दूरदर्शी नीतिगत स्पष्टता राज्य को वैश्विक निवेशकों के लिए पसंदीदा बना रही हैं। इसी वजह से गुजरात अब डेटा सेंटर स्थापना के मामले में भी देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार के अनुसार, सुशासन, स्पष्ट नीति और भविष्य की तकनीक पर फोकस गुजरात के विकास मॉडल को नई मजबूती दे रहे हैं।