बैरसिया में 50.74 करोड़ रुपये की लागत से बने सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण करते हुए CM मोहन यादव ने शिक्षा, संस्कार और रोजगार पर जोर दिया।

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को भोपाल जिले के बैरसिया में नवनिर्मित शासकीय सांदीपनि ठाकुर लाल सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का लोकार्पण किया। करीब 35 एकड़ क्षेत्र में फैले इस आधुनिक विद्यालय के निर्माण पर 50 करोड़ 74 लाख रुपये की लागत आई है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण किया, पौधरोपण किया और विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि यह केवल एक नए विद्यालय भवन का उद्घाटन नहीं है, बल्कि बैरसिया क्षेत्र में शिक्षा के नए दौर की शुरुआत है। यह संस्थान विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देगा और उन्हें ज्ञान, संस्कार, आत्मविश्वास तथा कौशल से सशक्त बनाएगा। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने बैरसिया में रोड शो भी किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने उनका स्वागत किया और मुख्यमंत्री ने भी नागरिकों का अभिवादन स्वीकार किया।

MP Education News: गुरु और विद्यालय ही गढ़ते हैं बच्चों का भविष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि माता-पिता बच्चों को जीवन देते हैं, लेकिन उनके व्यक्तित्व को दिशा देने का कार्य गुरु और विद्यालय करते हैं। जिस प्रकार पारस के स्पर्श से लोहा सोना बन जाता है, उसी तरह एक अच्छा विद्यालय और योग्य शिक्षक विद्यार्थियों की क्षमता को निखारते हैं।

उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का स्थान नहीं होता, बल्कि यह बच्चों में अनुशासन, संस्कार, चरित्र और जीवन मूल्यों का निर्माण करने वाला केंद्र भी होता है। भारत की पहचान सदियों से ज्ञान, शिक्षा और गुरु-शिष्य परंपरा के कारण रही है। हमारी शिक्षा व्यवस्था का मूल उद्देश्य अज्ञानता से ज्ञान की ओर ले जाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की इसी गौरवशाली शैक्षणिक परंपरा को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय विकसित किए जा रहे हैं।

Career Guidance: केवल नौकरी नहीं, उत्कृष्टता हो शिक्षा का लक्ष्य

डॉ. मोहन यादव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी पाना नहीं होना चाहिए। आज शिक्षा के जरिए युवा डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, पत्रकार, प्रशासनिक अधिकारी, आधुनिक किसान, सफल उद्यमी और कुशल व्यापारी बन सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी रुचि और प्रतिभा के अनुसार क्षेत्र का चयन करें और उसमें उत्कृष्टता हासिल करने का लक्ष्य रखें। चाहे कोई भी क्षेत्र हो, मेहनत, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करने पर सफलता जरूर मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं को केवल रोजगार पाने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। राज्य सरकार भी शिक्षा को कौशल विकास, स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने पर लगातार काम कर रही है।

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Sandipani School MP: ज्ञान सबसे बड़ी संपत्ति, जिसे कोई छीन नहीं सकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में अर्जित ज्ञान सबसे बड़ी पूंजी है। धन-संपत्ति खत्म हो सकती है, लेकिन ज्ञान और विवेक कभी समाप्त नहीं होते। शिक्षा व्यक्ति को सही निर्णय लेने, चुनौतियों का सामना करने और आगे बढ़ने की ताकत देती है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपने विद्यालय जीवन का पूरा उपयोग करें और पढ़ाई के साथ अच्छे संस्कार भी सीखें।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सांदीपनि विद्यालयों का नाम भगवान श्रीकृष्ण के गुरु महर्षि सांदीपनि से प्रेरित है। उज्जैन स्थित उनके आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण ने 64 कलाओं और 14 विद्याओं का ज्ञान प्राप्त किया था। गुरु से मिले ज्ञान और संस्कारों के कारण ही वे जीवन की हर चुनौती का सामना कर सके। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों का उद्देश्य आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों को भी विद्यार्थियों तक पहुंचाना है।

Student Motivation: श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता से सीख लेने की जरूरत

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का उदाहरण देते हुए कहा कि विद्यालय में बनने वाले सच्चे मित्र जीवनभर साथ निभाते हैं। विद्यार्थियों को अपने मित्रों के प्रति सहयोग, संवेदनशीलता और सम्मान का भाव रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल सफल बनने की नहीं, बल्कि अच्छा इंसान बनने की भी प्रेरणा देती है। लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए शिक्षित और जिम्मेदार नागरिकों की आवश्यकता होती है। आज के विद्यार्थी भविष्य में पंच, सरपंच, विधायक, सांसद या अन्य जनप्रतिनिधि बनकर देश और समाज की सेवा कर सकते हैं।

Viksit Bharat 2047: विद्यार्थियों को भारत का मान बढ़ाने का संदेश

मुख्यमंत्री ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से राष्ट्रसेवा और समर्पण की भावना अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय देश के लिए योगदान देने का है। प्रत्येक विद्यार्थी अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज और राष्ट्र के विकास में करे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में जब देश आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब वर्तमान पीढ़ी विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

MP Education Infrastructure: गरीब-अमीर के बीच शिक्षा का अंतर कम करेंगे सांदीपनि विद्यालय

मुख्यमंत्री ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय प्रदेश सरकार का ऐसा प्रयास है, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सभी वर्गों तक पहुंचाने में मदद करेगा। इन विद्यालयों में आधुनिक प्रयोगशालाएं, खेल मैदान और अन्य शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर वातावरण विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा देगा। बैरसिया का यह विद्यालय आने वाले समय में क्षेत्र की प्रतिभाओं को निखारने का बड़ा केंद्र बनेगा।

Bhopal Bairasia Four Lane Road: CM मोहन यादव ने की बड़ी घोषणा

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैरसिया क्षेत्र के विकास के लिए भोपाल-बैरसिया मार्ग को फोरलेन बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस सड़क के बनने से बैरसिया और भोपाल के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। लोगों को बेहतर और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी, साथ ही क्षेत्र के व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

मेधावी विद्यार्थियों और प्रतिभाओं का किया सम्मान

मुख्यमंत्री ने बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बैरसिया क्षेत्र के मेधावी विद्यार्थियों आकाश साहू, चंचल कुशवाहा, संयम जैन, भावना प्रजापति, रूपाली रजक और सीए अवंतिका साहू को ट्रॉफी और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि मेहनत, अनुशासन और शिक्षा के बल पर वे न केवल अपना बल्कि प्रदेश और देश का नाम भी रोशन कर सकते हैं।